Secretary's Message

प्रणव कुमार (Pranav Kumar) · सचिव (Secretary)

सचिव के कलम से

जो माता एवं पिता अपने बच्चों को शिक्षा नहीं देते हैं, वे तो बच्चों के शत्रु के समान हैं, क्योंकि विद्याहीन बालक विद्वानों की सभा में वैसे ही तिरस्कृत किये जाते हैं जैसे हंसों की सभा में बगुले। — चाणक्य

मान्यवर,

यह एक शाश्वत सत्य है कि किसी भी राष्ट्र, समाज एवं व्यक्ति के सम्पूर्ण विकास एवं उन्नति के लिए शिक्षा ही एक मात्र महत्वपूर्ण साधन है। शिक्षा ही लोगों के जीवन-स्तर में सुधार तथा बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इसी भाव से प्रेरित होकर Q-Max Public School की स्थापना की गयी, जहाँ शिक्षा के आधुनिक मापदण्डों का शत-प्रतिशत अनुपालन हो तथा बच्चे स्वयं को वैश्विक प्रतियोगिता के योग्य बना सकें। विद्यालय में बौद्धिक विकास हेतु पाठ्य पुस्तकों का अध्यापन, व्यक्तित्व विकास हेतु संगीत एवं योग शिक्षण तथा शारीरिक विकास हेतु क्रीड़ा प्रशिक्षण की व्यवस्था की गयी है।

आशा है आप सबों का सहयोग मिलता रहेगा।

सधन्यवाद

प्रणव कुमार (Pranav Kumar)

सचिव (Secretary)
Q-Max Public School